Saturday, January 8, 2011

विजयवाडा में दूरस्थ षिक्षा का संपर्क कार्यक्रम आयोजित

विजयवाडा, 08.01.2011 (प्रेस विज्ञप्ति)

दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा द्वारा संचालित दूरस्थ षिक्षा निदेषालय के अंतर्गत एम.ए. हिन्दी पाठ्यक्रम के आन्ध्रप्रदेष के अध्येताओं के निमित्त व्याख्यानमाला सह संपर्क कार्यक्रम  का उद्घाटन आज यहाँ वरिष्ठ हिन्दी सेवी श्री काज वेंकटेष्वर राव ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे काजाजी ने इस अवसर पर कहा कि दूरस्थ माध्यम का प्रयोग करके दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा, हिन्दी की उच्च स्तरीय षिक्षा को घर-घर पहुँचाने का जो कार्य कर रही है वह गाँधीजी के हिन्दी प्रचार आंदोलन का ही आधुनिक विस्तार है।
सहायक निदेषक डॉ. पेरिषेट्टि श्रीनिवासराव ने संपर्क कार्यक्रम की उपादेयता पर प्रकाष डालते हुए सभा के नवीनतम दूरस्थ माध्यम के पाठ्यक्रमों एम.ए. एजुकेषन, एम.फिल., पीएचडी एजुकेषन, एम.बी.ए. (ई.एम.), बी.काम., बी.बी.ए., बी.सी.ए., पीजीडीसीए, डी.सीए., और पैरामेडिकल कोर्स की जानकारी दी। डॉ. बोडेपूडि वेंकटेष्वर राव, डॉ. जी. नागेष्वर राव तथा श्री प्रसाद जी ने भी अपने विचार प्रकट किए।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो. ऋषभ देव शर्मा ने कहा कि दूरस्थ माध्यम आज की दुनिया में सतत् षिक्षा का सर्वोत्कृष्ट आधार है। उन्होंने षिक्षा के मौलिक अधिकार को साकार रूप देने के लिए इसे जनतांत्रिक माध्यम बताते हुए इसमें मल्टीमीडिया के कारगर इस्तेमाल की भी चर्चा की।
सप्ताह भर के इस संपर्क कार्यक्रम को उच्च षिक्षा और शोध संस्थान, नागार्जुन विष्व विद्यालय एवं आन्ध्र विष्वविद्यालय के आचार्यगण विषेषज्ञ के रूप में संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में आन्ध्रप्रदेष के विभिन्न अंचलों के सत्तर (70) छात्र प्रतिभागी सम्मिलित हैं।
आन्ध्र सभा के शाखा व्यवस्थापक श्री वी. अजयकुमार ने समारोह का संचालन किया। धन्यवाद राघवेंद्रराव ने ज्ञापित किया।

चित्र परिचय: 
1. दूरस्थ षिक्षा संपर्क कार्यक्रम के उद्घाटन के अवसर पर बायें से वी. अजय कुमार, प्रसाद,  डॉ. जी. नागेष्वर, डॉ. ऋषभ देव शर्मा, काज वेंकटेष्वर राव (बोलते हुए) तथा डॉ. पी. श्रीनिवास राव
2. प्रतिभागी छात्र.
(डॉ. पी. श्रीनिवास राव)
   सहायक निदेषक
दूरस्थ षिक्षा निदेषालय
   विजयवाडा - कैंप


No comments:

Post a Comment