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రెక్కలు ఇవ్వగలవా నాకు...?

రెక్కలు ఇవ్వగలవా నాకు...?     హిందీ  : ప్రొఫెసర్ .రిషభ్ దేవ్ శర్మ .  తెలుగు : డా.పేరిశెట్టి శ్రీనివాసరావు.  పొత్తాలు అడిగాను నేను   పొయ్యి దొరికింది నాకు  స్నేహితుడ్ని కోరాను నేను  వరుడు దొరికాడు నాకు  కలల్ని కోరాను నేను  కష్టాలు వరించాయి నన్ను  బంధాలు కోరాను నేను  బంధనాలు దొరికాయి నాకు  నిన్న భూమిని అడిగాను  నేడు సమాధి దొరికింది నాకు  ఆకాశాన్ని అడుగుతున్నాను నేను  రెక్కలు ఇవ్వగలవా నాకు...?  డా .   పే రిశెట్టి శ్రీనివాసరావు. లెక్చరర్, పి.జి.విభాగము  దక్షిణ భారత హిందీ ప్రచార సభ  చిత్తూరు రోడ్ ,ఎర్నాకుళం (కేరళ) సెల్ : 9989 242 343 ఈ -మెయిల్ : srperisetti@gmail.com                   srperisetti@yahoo.com

दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के दूरस्थ शिक्षा विभाग में व्यक्तिगत संपर्क व्याख्यानमाला उद्घाटित .

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 हैदराबाद,०८अप्रैल २०१२. आज यहाँ खैरताबाद स्थित दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में उच्च शिक्षा और शोध संस्थान के लिए दूरस्थ शिक्षा विभाग के तत्वावधान में हिंदी भाषा और साहित्य के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अंतर्गत व्यक्तिगत संपर्क सह व्याख्यानमाला कार्यक्रम का उद्घाटन संपन्न हुआ.  आठ दिन तक चलनेवाली व्याख्यानमाला कार्यक्रम का परिचय देते हुए विभागाध्यक्ष प्रो.ऋषभदेव शर्मा ने बताया कि दूरस्थ माध्यम के छात्र आंध्रप्रदेश के दूरदराज इलाकों से आते है जिन्हें इस प्रकार के कार्यक्रमों में गहन प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है ताकि वे पाठ सामग्री के सूक्ष्म   पहलुओं से परिचित हो सकें.                                    उद्घाटन दीप दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा-आंध्र के सचिव एस.के हलेमनी ने प्रज्वलित किया तथा आगंतुकों का स्वागत दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक डॉ. पी. श्रीनिवास राव ने किया उन्होंने बताया है कि यह संपर्क-व्याखानमाला हैदराबाद और विजयवाडा में एक साथ चलाई जा रही हैं तथा इसमें विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ.एम.वेंकटेश्वर, डॉ.ऋषभदेव शर्मा, डॉ.साहिराबानू ब

हिंदी दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश हिंदी अकादमी द्वारा वर्ष २०११ के लिए तेलुगु भाषी हिंदी युवा लेखक पुरस्कार डॉ.पी.श्रीनिवास राव जी को प्रदान किया गया है ....

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हिंदी दिवस के अवसर पर आंध्र प्रदेश हिंदी अकादमी द्वारा हिंदी भाषा के विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले  व्यक्तियों का सम्मान किया गया है.. जिसमें  वर्ष २०११ के लिए कडारु.मल्ल्या जी को पद्मभूषण  डॉ. मोटूरी सत्यनारायण पुरस्कार के अंतर्गत एक लाख रुपयें नकद पुरस्कार आन्ध्र प्रदेश राज्य के उपमुख्या मंत्री          श्री .दामोदर राजनरसिम्हा  एवं हिंदी अकादमी के अध्यक्ष श्री . लक्ष्मी प्रसाद जी  ने प्रदान किया है ...  तेलुगु भाषी हिन्दी युवा लेखक पुरस्कार के लिए पच्चीस हज़ार रुपये नकद पुरस्कार एवं ज्ञापिका   दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के सहायक निदेशक श्री.पी .श्रीनिवास राव जी  को प्राप्त हुआ है .. इस अवसर पर  गुरुवर  श्री .कडारु मल्ल्या जी  को एवं  श्री डॉ. पी. श्रीनिवास राव जी  को हार्दिक शुभकामनाएँ!!!!! विडियो भाग  .....चित्रावाली ..... स्वतंत्र वार्ता १५ सितम्बर ...

आंधप्रदेश राज्य हिंदी अकादमी साहित्य पुरस्कार २०११

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आंधप्रदेश राज्य हिंदी अकादमी साहित्य पुरस्कार  २०११  पुरस्कारों के लिए हिंदी साहित्यकार चयनित!!  युवा हिंदी लेखक पुरस्कार  के लिए दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निर्देशक 

अज्ञेय जन्मशती समारोह

अज्ञेय जन्मशती समारोह  के सन्दर्भ में हिंदी से तेलुगु में अनूदित कविता पठन!!!! हिंदी मूल "सबेरे उठा तो "का तेलुगु अनुवाद 

दूरस्थ शिक्षा क्षेत्रीय कार्यालय में डॉ त्रिभुवन राय का विशेष व्याख्यान

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"भारतीय दृष्‍टि से साहित्य की आत्मा रस है जिसका आधार मनुष्य के हृदय में स्थित विभिन्न भाव होते हैं। जन्मजात संस्कार के रूप में प्राप्‍त प्रेम और हास जैसे भाव ही परिपक्व होकर रस के रूप में अभिव्यक्‍त होते हैं। हमारे दार्शनिकों ने रस को आनंद रूप और रसानुभूति को ब्रह्‍म की अनुभूति के समक्ष माना है। इसके लिए यह भी स्पष्‍ट किया है कि रस का अधिकारी अथवा पात्र वह सामान्य मनुष्य होता है जिसके भीतर आस्वादन की आकांक्षा होती है। ऐसा सहृदय ही रस का मानसिक साक्षात्कार करता है और रसानुभूति के क्षण में अपनेपन, पराएपन और तटस्थता से परे निर्वैयक्‍तिकता जैसी चौथी स्थिति में रहता है। इस तनमयता से ही लोकोत्तरता प्राप्त होती है जिससे निर्मल मन वाले सहृदय को आनंद का अनुभव होता है। यह अवस्था चित्त के द्रवित होने की अवस्था होती है।"  ये विचार मुंबई से पधारे वरिष्‍ठ काव्यशास्त्रीय विद्वान प्रो.त्रिभुवन राय ने यहाँ उच्च शिक्षा और शोध संस्थान के अंतर्गत सक्रिय दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित विशेष व्याख्यानमाला के क्रम में ‘रसानुभूति का स्वरूप’ विषय पर दूरस्थ माध्यम क

दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में दूरस्थ शिक्षा का संपर्क कार्यक्रम उद्घाटित

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हैदराबाद, 24.04.2011 (प्रेस विज्ञप्ति)। दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा द्वारा संचालित दूरस्थ शिक्षा  निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय के तत्वावधान में आज यहाँ एम.ए. हिंदी और स्नातकोत्तर अनुवाद डिप्लोमा के दूरस्थ माध्यम के अध्ययनकर्ताओं के लिए सातदिवसीय संपर्क कार्यक्रम-सह-व्याख्यानमाला का उद्घाटन समारोह सभा के खैरताबाद स्थित परिसर में आयोजित किया गया। दूरस्थ शिक्षा  निदेशालय के सहायक निदेशक डॉ. पी. श्रीनिवास राव ने यह जानकारी दी कि इस कार्यक्रम में विभिन्न विषय विशेषज्ञ आंध्र प्रदेश  के अलग-अलग अंचलों से आए हुए छात्रों की अध्ययन संबंधी कठिनाइयों का समाधान करेंगे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता उच्च शिक्षा और शोध संस्थान के प्रो. ऋषभदेव शर्मा ने की तथा संपर्क अधिकारी एस.के. हलेमनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञों के तौर पर डॉ. मृत्युंजय  सिंह, डॉ. गोरखनाथ तिवारी, डॉ. बलविंदर कौर, डॉ. जी. नीरजा, डॉ. पूर्णिमा शर्मा, डॉ. साहिराबानू बी. बोरगल, डॉ. लक्ष्मीकांतम और डॉ. शशांक  शुक्ल इस शैक्षणिक कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं तथा छात्रगण रंगारेड्डी, वरंगल, प्रकाशम, कृष्णा आदि अंचलो